EPF कैलकुलेटर
रिटायरमेंट (58 साल) तक आपका Employees' Provident Fund कॉर्पस कितना होगा — अपना योगदान, employer का EPF हिस्सा और compound interest मिलाकर अनुमान लगाएं।
हर महीने हिसाब में क्या जुड़ता है
आपके EPF खाते में हर महीने दो रकमें आती हैं: आपका अपना हिस्सा (basic + DA का 12%, या voluntary PF चुनें तो उससे ज़्यादा) और कंपनी के 12% में से वह हिस्सा जो 8.33% पेंशन स्कीम (EPS) में जाने के बाद बचता है। सीमा वाली सैलरी पर यह बचा हिस्सा 3.67% होता है। कैलकुलेटर आपके प्रतिशत और 3.67% को जोड़कर हर महीने चक्रवृद्धि ब्याज लगाता है और 58 साल पर रुकता है।
डिफ़ॉल्ट इनपुट में ₹40,000 basic + DA, उम्र 30, 12% योगदान और 8.25% ब्याज पर हर महीने ₹6,268 जमा होते हैं। 28 साल में आप और कंपनी मिलकर ₹21,06,048 डालते हैं और 58 पर अनुमानित corpus ₹82,57,301 बनता है, जिसमें ₹61,51,253 सिर्फ़ ब्याज है। EPS वाला हिस्सा पेंशन बनाता है, इस बैलेंस में नहीं जुड़ता, इसलिए वह यहाँ नहीं दिखता।
₹25,000 की wage ceiling: हाथ में सैलरी बनाम PF
PF की अनिवार्य wage ceiling 17 सितंबर 2026 से ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 महीना हो गई है। 2014 के बाद यह पहला बदलाव है। इसका असर आप पर दो में से किसी एक तरह से पड़ेगा।
- basic ₹15,000 से ₹25,000 के बीच। अगर आप अब तक PF से बाहर थे, तो अब PF ज़रूरी है। ₹20,000 basic पर हाथ में आने वाली सैलरी ₹2,400 महीना (12%) घटेगी, कंपनी ₹734 EPF में डालेगी और खाते में कुल ₹3,134 जाएँगे। 25 से 58 की उम्र तक 8.25% पर यह करीब ₹64,61,276 बनता है।
- basic ₹25,000 से ज़्यादा, पर PF सिर्फ़ ceiling तक कटता है। आपका हिस्सा ₹1,800 (₹15,000 का 12%) से बढ़कर ₹3,000 (₹25,000 का 12%) हो जाता है। हाथ में सैलरी ₹1,200 महीना कम होगी और PF उतना ही, साथ में कंपनी का बढ़ा हिस्सा, ज़्यादा जमा होगा।
कैलकुलेटर ceiling नहीं लगाता; यह आपकी पूरी basic पर हिसाब करता है। अगर आपकी salary slip में PF ₹25,000 पर कट रहा है, तो basic की जगह ₹25,000 डालें: डिफ़ॉल्ट उदाहरण में तब ₹82,57,301 की जगह ₹51,60,813 आएगा। अगर कंपनी पूरी basic पर योगदान देती है, तो EPS फिर भी ceiling तक ही सीमित रहता है, इसलिए EPF में 3.67% से ज़्यादा जाता है और कैलकुलेटर आपका बैलेंस थोड़ा कम दिखाता है।
ब्याज दर और नई EPF Scheme, 2026
FY 2024-25 और FY 2025-26 दोनों साल EPF पर 8.25% ब्याज रहा। दर हर साल तय होती है, इसलिए दशकों तक एक ही दर मानना सिर्फ़ अनुमान है, गारंटी नहीं। 8% और 8.5% डालकर दायरा देख लें।
1 जुलाई 2026 से पुरानी EPF Scheme, 1952 की जगह Code on Social Security के तहत EPF Scheme, 2026 लागू है। अक्टूबर 2025 में CBT ने आंशिक निकासी के जो बदलाव मंज़ूर किए थे, और जो रिपोर्टों के अनुसार नई स्कीम में भी हैं, उनमें निकासी तीन श्रेणियों में बँटी है, 12 महीने की नौकरी ज़रूरी है और खाते में कम से कम 25% बैलेंस छोड़ना होता है। खाते में ₹8,00,000 हों तो कम से कम ₹2,00,000 वहीं रहेंगे। कोई भी निकासी आख़िरी रकम घटाती है, जो कैलकुलेटर नहीं दिखा सकता।
EPF के ब्याज पर टैक्स कब लगता है
कर्मचारी के योगदान (voluntary PF सहित) में ₹2.5 लाख सालाना से ऊपर की रकम पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल है। जहाँ कंपनी का योगदान नहीं होता, वहाँ यह सीमा ₹5 लाख है। 12% पर यह सीमा तभी पार होती है जब basic करीब ₹1,73,611 महीने से ज़्यादा हो। कैलकुलेटर के अधिकतम 25% पर यह रेखा करीब ₹83,333 महीना है।
इससे कम सैलरी पर अनुमान असल रकम के काफ़ी करीब रहता है। इससे ऊपर हर साल ब्याज के एक हिस्से पर टैक्स कटेगा, इसलिए असली corpus दिखाई गई रकम से कम होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
EPF में 12% से ज़्यादा डालें तो कितना फ़र्क पड़ेगा?+
अतिरिक्त रकम voluntary PF के रूप में जाती है और उसी दर से ब्याज कमाती है। इस कैलकुलेटर में सिर्फ़ आपका हिस्सा बढ़ता है, कंपनी का 3.67% ही रहता है। ₹40,000 basic और 30 की उम्र पर 12% की जगह 20% डालने से अनुमान ₹82,57,301 से बढ़कर ₹1,24,72,899 हो जाता है।
मेरा EPF बैलेंस कैलकुलेटर से कम क्यों दिख रहा है?+
आम वजहें हैं: PF पूरी basic की जगह सीमित सैलरी पर कटना, कुछ साल PF से बाहर रहना, पहले की निकासी, और समय के साथ बदली ब्याज दरें। कैलकुलेटर यह भी मानता है कि आपकी basic कभी नहीं बढ़ेगी, जिसका असर उल्टी दिशा में होता है।
क्या EPF कैलकुलेटर में EPS पेंशन भी जुड़ती है?+
नहीं। EPS में जाने वाला 8.33% मासिक पेंशन बनाता है, एकमुश्त रकम नहीं, इसलिए उसे corpus में नहीं जोड़ा गया है। नतीजे को सिर्फ़ अपना PF बैलेंस समझें।