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HRA Exemption कैलकुलेटर

आपके House Rent Allowance का कितना हिस्सा पुराने tax regime में income tax से exempt है — और कितना taxable — तुरंत जानें। Tax year 2026-27 से 50% की metro सीमा आठ शहरों पर लागू है।

डिफ़ॉल्ट आंकड़ों पर तीन शर्तों वाला हिसाब

HRA का छूट वाला हिस्सा तीन रकमों में से सबसे कम रकम होती है। कैलकुलेटर महीने के हिसाब से चलता है और बेसिक व DA मिलाकर ₹50,000, HRA ₹20,000 और मेट्रो शहर में ₹18,000 किराये से खुलता है:

शर्तमासिक रकम
असल में मिला HRA₹20,000
किराया घटा सैलरी का 10% (₹18,000 − ₹5,000)₹13,000
सैलरी का 50% (मेट्रो)₹25,000

सबसे कम रकम ₹13,000 है, इसलिए हर महीने ₹13,000 (सालाना ₹1,56,000) टैक्स-फ़्री है और बाक़ी ₹7,000 महीना (सालाना ₹84,000) आपकी टैक्सेबल सैलरी में जुड़ता है। अगर आपकी आय पुरानी व्यवस्था के 30% स्लैब में है, तो इस छूट से 4% सेस मिलाकर सालाना लगभग ₹48,700 टैक्स बचता है।

सबसे कम वाली शर्त क्या बताती है

देखिए कि तीनों में से कौन-सी रकम सबसे कम है, क्योंकि वही आपकी छूट को रोक रही है।

  • किराया घटा 10% सबसे कम (जैसा डिफ़ॉल्ट में): यहां किराया ही सीमा है। इसी सैलरी पर ₹25,000 किराया हो तो यह रकम ₹20,000 बनती है और पूरा HRA छूट में आ जाता है। लेकिन यह ज़्यादा किराया देने की वजह नहीं है: किराये के हर अतिरिक्त रुपये पर ज़्यादा से ज़्यादा लगभग 31 पैसे टैक्स बचता है।
  • असल HRA सबसे कम: आपको पूरा फ़ायदा मिल रहा है, आगे का फ़र्क़ इस पर निर्भर है कि एम्प्लॉयर सैलरी को कैसे बांटता है।
  • 50% या 40% वाली सीमा सबसे कम: किराये और HRA के मुक़ाबले आपकी बेसिक सैलरी कम है। यहां आपका शहर सबसे ज़्यादा मायने रखता है।

तीनों शर्तों में "सैलरी" का मतलब है बेसिक, रिटायरमेंट लाभों में गिना जाने वाला DA, और टर्नओवर के तय प्रतिशत पर मिलने वाला कमीशन। पहले खाने में यही जोड़ डालें, ग्रॉस सैलरी या CTC नहीं।

टैक्स ईयर 2026-27 से आठ मेट्रो शहर

1 अप्रैल 2026 से 50% वाली सीमा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद पर लागू है। वित्त वर्ष 2025-26 तक सिर्फ़ पहले चार शहर मेट्रो गिने जाते थे। रिपोर्ट के अनुसार यह नियम अब आयकर अधिनियम 2025 की धारा 11 और अनुसूची III में है, और हिसाब आयकर नियम 2026 के नियम 279 के तहत होता है।

पुणे के एक किरायेदार का उदाहरण लें, जिसकी बेसिक व DA ₹40,000, HRA ₹20,000 और किराया ₹25,000 है। मेट्रो मानने पर तीनों रकमें ₹20,000, ₹21,000 और ₹20,000 हैं, यानी हर महीने ₹20,000 टैक्स-फ़्री। पुराने 40% नियम से यह ₹16,000 होता। यानी साल में ₹48,000 ज़्यादा छूट, जो 30% स्लैब में सेस मिलाकर लगभग ₹15,000 टैक्स बचाती है। अगर आप नए जुड़े चार शहरों में से किसी में रहते हैं, तो देख लें कि एम्प्लॉयर के पेरोल में मेट्रो वाला विकल्प लगा है।

सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में, और कुछ ख़ास स्थितियां

HRA की छूट सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था में मिलती है। नई व्यवस्था में, जो डिफ़ॉल्ट है, किराया कितना भी हो, पूरा HRA टैक्सेबल है। दोनों व्यवस्थाओं की तुलना करते समय इस कैलकुलेटर की सालाना रकम को पुरानी व्यवस्था की कटौतियों में जोड़ें।

  • अपने घर में रहते हैं या किराया नहीं देते: किराये वाली रकम शून्य है, इसलिए कोई छूट नहीं और पूरा HRA टैक्सेबल।
  • किराया सैलरी के 10% या उससे कम: जैसे ₹50,000 बेसिक पर ₹4,000 किराया। यहां भी किराये वाली रकम शून्य बनती है।
  • साल के बीच किराया, सैलरी या शहर बदला: औसत डालने के बजाय हर अवधि के लिए अलग से कैलकुलेटर चलाएं और महीनों का जोड़ लगाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या नई टैक्स व्यवस्था में HRA छूट मिलती है?+

नहीं। HRA की छूट सिर्फ़ पुरानी व्यवस्था चुनने पर मिलती है। नई व्यवस्था में एम्प्लॉयर से मिला पूरा HRA सैलरी की तरह टैक्स होता है। अगर आपकी HRA छूट बड़ी है, तो रिटर्न भरने से पहले दोनों व्यवस्थाओं की तुलना में इसे ज़रूर शामिल करें।

क्या बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद HRA के लिए मेट्रो शहर हैं?+

हां, टैक्स ईयर 2026-27 से, यानी 1 अप्रैल 2026 से दिए गए किराये पर। ये अब दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के साथ 50% वाली श्रेणी में हैं। वित्त वर्ष 2025-26 और उससे पहले के सालों के लिए ये चारों शहर नॉन-मेट्रो थे, इसलिए उन सालों के रिटर्न में 40% की सीमा लगेगी।

HRA कैलकुलेशन में सैलरी में क्या-क्या गिना जाता है?+

बेसिक, रिटायरमेंट लाभों में गिना जाने वाला DA, और टर्नओवर के तय प्रतिशत पर मिलने वाला कमीशन। बाक़ी भत्ते, बोनस और ख़ुद HRA इसमें नहीं गिने जाते। ग़लती से ग्रॉस सैलरी या CTC डालने पर किराये से घटने वाला 10% और 50% या 40% की सीमा दोनों बढ़ जाते हैं, और नतीजा ग़लत आता है।