Appointment Letter Generator
designation, CTC, probation और notice terms के साथ पूरा appointment letter बनाएं — PDF में save करें या print करें।
अपॉइंटमेंट लेटर और ऑफ़र लेटर में फ़र्क
| ऑफ़र लेटर | अपॉइंटमेंट लेटर | |
|---|---|---|
| कब | चयन के बाद, जॉइनिंग से पहले | जॉइनिंग के दिन या उसके कुछ समय बाद |
| मक़सद | नौकरी और वेतन का प्रस्ताव; उम्मीदवार से स्वीकृति माँगना | उन शर्तों को दर्ज करना जिन पर अब दोनों पक्ष काम करेंगे |
| लंबाई | एक-दो पन्ने और CTC का अनुलग्नक | कई क्रमांकित शर्तें और अनुलग्नक |
| कर्मचारी के हस्ताक्षर | ऑफ़र स्वीकार करने के लिए | डुप्लिकेट कॉपी पर, जो कर्मचारी की फ़ाइल में रखी जाती है |
कुछ कंपनियाँ एक ही विस्तृत पत्र भेजती हैं जो दोनों का काम करता है। ऐसा करें तो जॉइनिंग के बाद भी उस पर कर्मचारी के हस्ताक्षर लें, क्योंकि रिपोर्टिंग मैनेजर या काम की जगह जैसी बातें अक्सर पहले दिन ही पक्की होती हैं।
अपॉइंटमेंट लेटर में कौन-सी शर्तें ज़रूर हों
- पद, विभाग और रिपोर्टिंग मैनेजर।
- काम की जगह। अगर कर्मचारी को किसी दूसरे दफ़्तर या शहर भेजा जा सकता है, तो यह यहीं लिखें। जिस पत्र में एक शहर का नाम हो और तबादले पर कुछ न लिखा हो, उससे अक्सर विवाद होते हैं।
- वेतन का हवाला। सालाना CTC एक बार लिखें और उसका ब्रेकअप अनुलग्नक में दें। आँकड़ा एक ही जगह होगा तो बाद में अनुलग्नक बदलने पर कोई बेमेल नहीं होगा।
- प्रोबेशन। कितने समय का है, क्या उसे बढ़ाया जा सकता है और कैसे (लिखित में, प्रोबेशन ख़त्म होने से पहले), और यह कि कन्फ़र्मेशन लिखित में दिया जाएगा।
- नोटिस पीरियड, प्रोबेशन के दौरान और कन्फ़र्मेशन के बाद, और क्या नोटिस के बदले वेतन देकर नौकरी छोड़ी जा सकती है। ये संख्याएँ अपनी HR पॉलिसी या कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट से लें, पत्र में नई संख्याएँ न गढ़ें।
- गोपनीयता और काम पर अधिकार। नौकरी छोड़ने के बाद भी गोपनीयता बनी रहती है; नौकरी के दौरान किया गया काम कंपनी का होता है।
- बाहर का काम। दूसरी नौकरी, फ़्रीलांसिंग या किसी कंपनी में डायरेक्टर बनने के लिए लिखित अनुमति चाहिए या नहीं।
- दस्तावेज़ों और बैकग्राउंड का वेरिफ़िकेशन नियुक्ति की शर्त के रूप में।
फ़िक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के पत्र में अवधि की शुरुआत और अंत की तारीख़ लिखें। 21 नवंबर 2025 से लागू Code on Social Security, 2020 के तहत फ़िक्स्ड-टर्म कर्मचारी एक साल की सेवा के बाद अनुपात के हिसाब से ग्रेच्युटी के हक़दार हैं, इसलिए स्थायी कर्मचारियों वाले टेम्पलेट की वह भाषा न दोहराएँ जिससे पाँच साल के इंतज़ार का मतलब निकले।
नमूना: क्रमांकित शर्तों वाला अपॉइंटमेंट लेटर
ऊपर दिया गया जनरेटर एक पन्ने का छोटा पत्र बनाता है, जिसमें पद, CTC, प्रोबेशन, प्रोबेशन के दौरान नोटिस और कंपनी के नियमों का सामान्य उल्लेख होता है। नीचे का नमूना वह लंबा, क्रमांकित फ़ॉर्मेट है जो कई कंपनियाँ इस्तेमाल करती हैं। इसमें रिपोर्टिंग, काम की जगह और तबादला, वेतन का अनुलग्नक, प्रोबेशन बढ़ाने की शर्त, कन्फ़र्मेशन के बाद का नोटिस, गोपनीयता, बाहर के काम पर रोक और कर्मचारी की स्वीकृति का हिस्सा भी है।
भारत में अपॉइंटमेंट लेटर आमतौर पर अंग्रेज़ी में ही जारी होते हैं, इसलिए नमूना अंग्रेज़ी में है।
इन गलतियों से बचें
- आँकड़े आपस में मेल न खाना। पत्र में लिखा CTC अनुलग्नक या ऑफ़र लेटर से अलग हो। प्रिंट करने से पहले तीनों को मिलाकर देखें।
- प्रोबेशन बढ़ाने की शर्त न होना। प्रोबेशन के आख़िर में मैनेजर और समय चाहता है, पर लिखित में कोई आधार नहीं होता।
- पॉलिसी से अलग नोटिस पीरियड। पत्र में 30 दिन और HR पॉलिसी में 60 दिन लिखे हों, तो नौकरी छोड़ते समय बहस तय है।
- फ़ाइल में साइन की हुई कॉपी न होना। बिना हस्ताक्षर की कॉपी से यह साबित करना मुश्किल होता है कि कर्मचारी ने शर्तें देखी थीं।
- फ़िक्स्ड-टर्म नौकरी को "स्थायी" लिखना, या फ़िक्स्ड-टर्म पत्र में अंत की तारीख़ ही न देना।
पत्र जारी करने से पहले किसी दूसरे व्यक्ति से एक बार पढ़वा लें। ज़्यादातर गलतियाँ नाम, तारीख़ और रकम में होती हैं, और ये वही बातें हैं जिन पर बाद में सबसे ज़्यादा सवाल उठते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अपॉइंटमेंट लेटर कैसे लिखें?+
लेटरहेड पर रेफ़रेंस नंबर और तारीख़ से शुरू करें। फिर ऑफ़र लेटर का हवाला देकर पद, जॉइनिंग की तारीख़, काम की जगह, सालाना CTC, प्रोबेशन, नोटिस पीरियड, गोपनीयता और वेरिफ़िकेशन की शर्तें क्रम से लिखें। वेतन का ब्रेकअप अनुलग्नक में दें और आख़िर में कर्मचारी की स्वीकृति के लिए हस्ताक्षर की जगह छोड़ें।
क्या अपॉइंटमेंट लेटर देना ज़रूरी है?+
यह आपके संस्थान और राज्य पर लागू कानूनों पर निर्भर करता है, इसलिए अपने HR कंप्लायंस सलाहकार से पुष्टि करें। व्यवहार में हर कर्मचारी को यह पत्र दें, क्योंकि वेतन, प्रोबेशन, नोटिस या तबादले पर बाद में कोई मतभेद हो तो दोनों पक्ष इसी दस्तावेज़ पर भरोसा करते हैं।
क्या जॉइनिंग के बाद अपॉइंटमेंट लेटर दिया जा सकता है?+
हाँ। कई कंपनियाँ दस्तावेज़ जाँचने के बाद जॉइनिंग के दिन या पहले हफ़्ते में यह पत्र देती हैं। पत्र पर जारी करने की तारीख़ डालें और अंदर असली जॉइनिंग की तारीख़ लिखें, ताकि दोनों तारीख़ें रिकॉर्ड में रहें।
क्या अपॉइंटमेंट लेटर स्टांप पेपर पर होना चाहिए?+
ज़्यादातर कंपनियाँ अपॉइंटमेंट लेटर लेटरहेड पर ही जारी करती हैं। किसी दस्तावेज़ पर स्टांप ड्यूटी लगेगी या नहीं, यह आपके राज्य के स्टांप कानून और दस्तावेज़ के प्रकार पर निर्भर करता है, जैसे अलग सर्विस एग्रीमेंट या बॉन्ड। इसलिए किसी दूसरी कंपनी की देखादेखी करने के बजाय अपने कानूनी सलाहकार से पूछें।