Salary Certificate Generator
Bank loan, visa या rent के लिए salary certificate बनाएं — जिसमें role, tenure और monthly gross salary हो।
Salary certificate, salary slip या Form 16: कौन-सा चाहिए?
ये तीनों दस्तावेज़ अक्सर आपस में उलझ जाते हैं, और गलत दस्तावेज़ माँगने से लोन या वीज़ा की फ़ाइल अटक जाती है।
- Salary certificate आपकी कंपनी का हस्ताक्षर किया हुआ पत्र है, जो बताता है कि आप वहाँ काम करते हैं और अभी आपकी सैलरी कितनी है। यह किसी तीसरे पक्ष के नाम लिखा जाता है और माँगने पर दिया जाता है।
- Salary slip हर महीने मिलने वाला पर्चा है, जिसमें उस एक महीने की कमाई और कटौतियाँ होती हैं।
- Form 16 साल भर में आपकी सैलरी से कटे टैक्स का प्रमाणपत्र है। रिपोर्टों के अनुसार Income-tax Act, 2025 के तहत tax year 2026-27 से इसकी जगह Form 130 आ रहा है, इसलिए अभी आपकी कंपनी दोनों में से कोई भी नाम इस्तेमाल कर सकती है।
Salary certificate तब सबसे काम आता है जब ढेर सारी slip की जगह एक साफ़, हस्ताक्षर वाला सारांश चाहिए, या जब आपने अभी-अभी नौकरी शुरू की है और आपके पास कोई slip नहीं है।
बैंक, वीज़ा दफ़्तर और मकान मालिक इसे कब माँगते हैं
- लोन और क्रेडिट कार्ड। बैंक इससे आपकी कंपनी, नौकरी की अवधि और हाथ में आने वाली सैलरी पक्की करते हैं और तय करते हैं कि आप कितनी EMI चुका सकते हैं। आम तौर पर वे हाल की salary slip और बैंक स्टेटमेंट भी माँगते हैं, इसलिए सारे आँकड़े आपस में मिलने चाहिए।
- वीज़ा आवेदन। दूतावास इसे इस सबूत के तौर पर देखते हैं कि आपके पास नौकरी और नियमित आमदनी है जिस पर आप लौटेंगे। कुछ सूचियों में कंपनी से आपकी मंज़ूर छुट्टी की पुष्टि भी माँगी जाती है।
- किराये पर घर। मकान मालिक या ब्रोकर एग्रीमेंट से पहले इसे माँग सकते हैं, ख़ासकर तब जब आप नए शहर में आए हों।
- दूसरे काम। स्कूल में दाख़िला, नई कंपनी द्वारा आपकी मौजूदा सैलरी की जाँच, या किसी की ज़मानत देना।
माँगने से पहले संस्था से पूछ लें कि पत्र उसके नाम से लिखा जाना चाहिए या नहीं, और उसे कुल सैलरी चाहिए, हाथ में आने वाली सैलरी चाहिए या दोनों।
कमाई और कटौतियों के साथ salary certificate का नमूना
यह नमूना होम लोन के लिए बैंक के नाम लिखा गया है और इसमें महीने की पूरी कमाई और कटौतियाँ दिखाई गई हैं। भारत में salary certificate आम तौर पर अंग्रेज़ी में ही जारी होते हैं, इसलिए नमूना भी अंग्रेज़ी में है। इसमें दिए गए आँकड़े सिर्फ़ उदाहरण हैं; कोष्ठक [ ] में लिखी हर चीज़ कर्मचारी की असली जानकारी से बदल दें। ध्यान रखें कि कुल सैलरी में से कटौतियाँ घटाकर जो रकम बचे, वही हाथ में आने वाली सैलरी के रूप में लिखी जाए।
क्या-क्या लिखें और कौन-सी गलतियाँ न करें
जो certificate पहली बार में ही मंज़ूर हो जाए, उसमें ये बातें होती हैं: कंपनी का लेटरहेड, संदर्भ संख्या और तारीख़; जिसके नाम पत्र है उसका नाम; कर्मचारी का नाम ठीक वैसा ही जैसा PAN या पासपोर्ट पर है, कर्मचारी संख्या, पद, विभाग, नौकरी शुरू करने की तारीख़ और नौकरी का प्रकार; महीने की कमाई और कटौतियों का ब्योरा, कुल और हाथ में आने वाली सैलरी के साथ; सालाना कुल सैलरी; सैलरी किस तरह दी जाती है; पत्र का मकसद; और हस्ताक्षर करने वाले का नाम, पद, हस्ताक्षर, कंपनी की मुहर और जाँच के लिए संपर्क।
- आँकड़े न मिलना। certificate पर लिखी हाथ में आने वाली सैलरी बैंक स्टेटमेंट में आई रकम और हाल की slip से मिलनी चाहिए।
- CTC को सैलरी लिख देना। CTC में कंपनी का PF और दूसरे ख़र्च भी होते हैं जो आपके हाथ में कभी नहीं आते। बैंक को कुल और हाथ में आने वाली सैलरी चाहिए।
- नाम में फ़र्क। बीच का नाम छूट जाना या पासपोर्ट से अलग वर्तनी वीज़ा की फ़ाइल रोक सकती है।
- मुहर न होना या संपर्क न होना। बैंक अक्सर फ़ोन करके पुष्टि करते हैं, इसलिए चालू फ़ोन नंबर या आधिकारिक ईमेल ज़रूर लिखें।
- पुरानी तारीख़। कई बैंक और वीज़ा सूचियाँ हाल में जारी पत्र माँगती हैं, इसलिए पिछले साल वाला पत्र दोबारा देने के बजाय नया बनवाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Salary certificate पर साइन कौन करता है?+
वह व्यक्ति जिसे सैलरी की पुष्टि करने का अधिकार हो, आम तौर पर HR प्रमुख, payroll या finance मैनेजर, या छोटी कंपनी में कोई डायरेक्टर। पत्र लेटरहेड पर हो और उस पर कंपनी की मुहर, साइन करने वाले का नाम और पद हो।
क्या नौकरी छोड़ने के बाद salary certificate मिल सकता है?+
हाँ, लेकिन उसमें लिखा होना चाहिए कि आप आख़िरी कार्यदिवस तक कंपनी में थे, और मौजूदा सैलरी की जगह आख़िरी सैलरी दी जानी चाहिए। पुरानी नौकरी के सबूत के लिए आम तौर पर experience letter या relieving letter ज़्यादा सही रहता है।
क्या salary certificate में CTC लिखना ज़रूरी है?+
तभी, जब संस्था इसे माँगे। मुख्य आँकड़े महीने की कुल और हाथ में आने वाली सैलरी रखें, और ज़रूरत हो तो सालाना CTC अलग लाइन में लिखें ताकि कोई इसे हाथ में आने वाली सैलरी न समझ ले।