Relieving Letter Generator
कर्मचारी की exit date और handover complete होने की पुष्टि करता हुआ formal relieving letter बनाएं।
रिलीविंग लेटर और एक्सपीरियंस लेटर में फ़र्क
रिलीविंग लेटर तीन बातों की पुष्टि करता है: कर्मचारी ने इस्तीफ़ा दिया, कंपनी ने उसे स्वीकार किया, और तय तारीख़ से कर्मचारी को काम से मुक्त कर दिया गया। एक्सपीरियंस लेटर काम के बारे में बताता है, यानी पद, कितने समय तक नौकरी की और कभी-कभी ज़िम्मेदारियाँ भी।
नई कंपनी का HR आमतौर पर रिलीविंग लेटर इसलिए माँगता है ताकि पक्का हो जाए कि आप पुरानी नौकरी से आज़ाद हैं और join कर सकते हैं। बैकग्राउंड वेरिफ़िकेशन और वीज़ा के लिए एक्सपीरियंस लेटर ज़्यादा काम आता है। कई कंपनियाँ दोनों को एक ही पत्र में मिला देती हैं। इसमें कोई दिक्कत नहीं, बशर्ते उसमें आख़िरी कार्य-दिवस और रिलीव किए जाने की बात साफ़ लिखी हो। अगर दोनों पत्र अलग-अलग दे रहे हैं, तो दोनों में तारीख़ें बिल्कुल एक जैसी होनी चाहिए।
रिलीविंग लेटर कब जारी करें
रिलीविंग लेटर exit प्रक्रिया का आख़िरी दस्तावेज़ है। इसे तभी जारी करें जब ये काम पूरे हो चुके हों:
- इस्तीफ़ा लिखित में स्वीकार हो गया हो और आख़िरी कार्य-दिवस तय हो गया हो। अगर नोटिस पीरियड पूरा नहीं हुआ, तो यह भी तय हो कि कमी माफ़ की गई है या उसकी वसूली होगी।
- हैंडओवर पूरा हो गया हो: फ़ाइलें, क्लाइंट के संपर्क और सिस्टम का access सौंप दिया गया हो, और रिपोर्टिंग मैनेजर ने मंज़ूरी दे दी हो।
- कंपनी का सामान लौटा दिया गया हो: लैपटॉप, ID और access कार्ड, SIM, और अगर कोई एडवांस लिया था तो उसका हिसाब हो गया हो।
- F&F (फ़ुल एंड फ़ाइनल) सेटलमेंट की गणना हो गई हो: बकाया सैलरी, छुट्टियों का भुगतान, वसूली और अगर ग्रेच्युटी बनती है तो वह भी।
कुछ कंपनियाँ आख़िरी दिन ही रिलीविंग लेटर दे देती हैं और F&F बाद में अपनी पॉलिसी के समय के अनुसार चुकाती हैं; कुछ F&F का भुगतान होने तक रुकती हैं। दोनों तरीके चल सकते हैं। ज़रूरी यह है कि आप अपनी लिखित exit पॉलिसी का पालन करें और सभी कर्मचारियों के साथ एक जैसा व्यवहार करें। अगर कोई काम बाकी है, तो कर्मचारी को लिखित में बताएँ कि क्या बाकी है और पत्र कब तक मिलेगा। अनुरोध को अनदेखा न छोड़ें।
नई कंपनी और वेरिफ़िकेशन एजेंसी क्या देखती है
- नाम की स्पेलिंग बिल्कुल वैसी हो जैसी PAN और आधार पर है।
- जॉइनिंग की तारीख़ और आख़िरी कार्य-दिवस सैलरी स्लिप, इस्तीफ़े की स्वीकृति और EPF रिकॉर्ड में कर्मचारी के UAN पर दर्ज exit की तारीख़ से मेल खाते हों। वेरिफ़िकेशन रिपोर्ट में गड़बड़ी आने का सबसे आम कारण यही बेमेल तारीख़ें होती हैं।
- आख़िरी पद वही हो जो सबसे ताज़ा अपॉइंटमेंट या प्रमोशन लेटर में लिखा है।
- एम्प्लॉयी ID लिखी हो, ताकि वेरिफ़ाई करने वाला आपकी HR टीम से संपर्क करते समय उसका हवाला दे सके।
- हस्ताक्षर करने वाले का नाम और पद लिखा हो, और लेटरहेड पर कंपनी का पता और HR का चालू ईमेल हो।
- रिलीव किए जाने का साफ़ वाक्य हो, जैसे "[तारीख़] को कार्यालय समय समाप्त होने से कार्यमुक्त किया जाता है"।
वेरिफ़िकेशन करने वाले अक्सर सीधे HR टीम से तारीख़ें कन्फ़र्म करते हैं, इसलिए जारी किए गए हर रिलीविंग लेटर की कॉपी कर्मचारी की फ़ाइल में रखें।
नमूना: कर्मचारी के नाम रिलीविंग लेटर
ऊपर दिया गया जनरेटर "To Whomsoever It May Concern" वाला सर्टिफ़िकेट बनाता है, जिसमें आचरण के बारे में एक लाइन होती है। नीचे दूसरा आम फ़ॉर्मेट है: सीधे कर्मचारी के नाम पत्र, जिसमें इस्तीफ़े का हवाला, एम्प्लॉयी ID, F&F की स्थिति और गोपनीयता की याद दिलाने वाली लाइन है। इसमें प्रदर्शन पर कोई टिप्पणी नहीं है, जो उन कंपनियों के लिए ठीक है जो रिलीविंग लेटर को केवल तथ्यों तक रखती हैं।
भारत में ये पत्र आमतौर पर अंग्रेज़ी में ही जारी होते हैं, इसलिए नमूना अंग्रेज़ी में दिया गया है।
आम गलतियाँ जो बाद में परेशानी बनती हैं
- गलत आख़िरी कार्य-दिवस। इस्तीफ़े की तारीख़ या F&F भुगतान की तारीख़ लिख देना, जबकि लिखना वह दिन चाहिए जिस दिन कर्मचारी ने आख़िरी बार काम किया। अगर नोटिस पीरियड छोटा किया गया था, तो नई तारीख़ लिखें, पुरानी नहीं।
- हस्ताक्षर करने वाले का नाम नहीं। सिर्फ़ "Authorised Signatory" और अपठनीय हस्ताक्षर, बिना नाम और पद के, वेरिफ़ाई करना मुश्किल होता है।
- कंपनी के अंदरूनी पदनाम। "Associate II, Band C" जैसे शब्द बाहर वालों के लिए बेमतलब हैं। ताज़ा अपॉइंटमेंट या प्रमोशन लेटर वाला पद लिखें।
- ऐसी बात जो अभी सच नहीं। F&F बाकी होते हुए "सभी बकाया चुका दिए गए" लिखना विवाद को न्योता देता है। जारी करने की तारीख़ पर जो सच है, वही लिखें।
- एडिट हो सकने वाली फ़ाइल। Word फ़ाइल के बजाय लेटरहेड पर साइन की हुई PDF, कंपनी के आधिकारिक ईमेल से भेजें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रिलीविंग लेटर कैसे लिखें?+
कंपनी के लेटरहेड पर रेफ़रेंस नंबर और तारीख़ डालें, फिर कर्मचारी का नाम, एम्प्लॉयी ID, आख़िरी पद, जॉइनिंग की तारीख़ और आख़िरी कार्य-दिवस लिखें। साफ़ बताएँ कि इस्तीफ़ा स्वीकार हुआ और किस तारीख़ से कर्मचारी को कार्यमुक्त किया गया। आख़िर में HR या अधिकृत व्यक्ति का नाम, पद और हस्ताक्षर दें।
क्या रिलीविंग लेटर देना ज़रूरी है?+
ऐसा कोई एक नियम नहीं है जो हर कंपनी पर लागू हो। यह आपकी कंपनी की पॉलिसी, नौकरी के कॉन्ट्रैक्ट और आपके संस्थान पर लागू नियमों पर निर्भर करता है। व्यवहार में ज़्यादातर भारतीय कंपनियाँ यह पत्र देती हैं और नई कंपनियाँ इसे माँगती हैं, इसलिए इसे exit का सामान्य दस्तावेज़ मानकर चलें।
कंपनी रिलीविंग लेटर न दे तो क्या करें?+
पहले HR से लिखित में पूछें कि क्या बाकी है, जैसे नोटिस पीरियड, कंपनी का सामान या कोई वसूली, और उसे निपटाएँ। अगर लगे कि बिना कारण रोका जा रहा है, तो अपने अपॉइंटमेंट लेटर और exit पॉलिसी की शर्तें देखें, कंपनी में ऊपर तक बात पहुँचाएँ, और आगे कोई कदम उठाने से पहले किसी श्रम कानून के जानकार से सलाह लें।
पुरानी कंपनी बंद हो गई, अब रिलीविंग लेटर कहाँ से लाएँ?+
अगर कंपनी के किसी पुराने HR या डायरेक्टर से संपर्क हो सके तो डुप्लिकेट माँगें। ऐसा न हो पाए तो नई कंपनियाँ अक्सर एक्सपीरियंस लेटर, आख़िरी सैलरी स्लिप, सैलरी क्रेडिट वाले बैंक स्टेटमेंट और UAN पोर्टल से EPF सर्विस हिस्ट्री को मिलाकर स्वीकार कर लेती हैं। नई कंपनी को पहले ही बता दें ताकि वे बता सकें कि कौन-से दस्तावेज़ चलेंगे।