Lumpsum Investment कैलकुलेटर
एकमुश्त (lumpsum) निवेश की maturity value annual compounding से project करें।
नतीजा कैसे निकलता है
कैलकुलेटर सालाना कंपाउंडिंग इस्तेमाल करता है: मैच्योरिटी रकम = निवेश × (1 + सालाना रिटर्न)^साल, यानी हर साल के अंत में एक बार रिटर्न जुड़ता है। डिफ़ॉल्ट इनपुट (₹1,00,000, 12% रिटर्न, 10 साल) पर मैच्योरिटी रकम करीब ₹3,10,585 है, यानी अनुमानित फ़ायदा करीब ₹2,10,585।
सालाना कंपाउंडिंग उन रिटर्न के लिए सही है जो सालाना औसत (CAGR) के रूप में बताए जाते हैं, और फंड का प्रदर्शन आम तौर पर ऐसे ही बताया जाता है। जिन योजनाओं में ब्याज साल में कई बार जुड़ता है, उनके लिए यह थोड़ा कम दिखाता है। 7.5% पर 5 साल की जमा यहां करीब ₹1,43,563 दिखाती है, जबकि FD कैलकुलेटर तिमाही कंपाउंडिंग पर उसी दर से करीब ₹1,44,995 दिखाता है। बैंक या पोस्ट ऑफ़िस जमा के लिए FD कैलकुलेटर लें; सालाना औसत रिटर्न वाले निवेश के लिए यह कैलकुलेटर ठीक है।
किसी भी नतीजे को जांचने का आसान तरीका है 72 का नियम: 72 को रिटर्न से भाग दें, तो पता चलता है कि पैसा कितने साल में दोगुना होगा। 12% पर यह 6 साल है; सटीक आंकड़ा करीब 6.1 साल है।
निवेश की अवधि उम्मीद से ज़्यादा असर डालती है
एक बार ₹1,00,000 लगाकर छोड़ देने पर, चार अलग रिटर्न अनुमानों के साथ:
| रिटर्न | 5 साल | 10 साल | 15 साल | 20 साल | 25 साल |
|---|---|---|---|---|---|
| 7% | ₹1,40,255 | ₹1,96,715 | ₹2,75,903 | ₹3,86,968 | ₹5,42,743 |
| 8% | ₹1,46,933 | ₹2,15,892 | ₹3,17,217 | ₹4,66,096 | ₹6,84,848 |
| 10% | ₹1,61,051 | ₹2,59,374 | ₹4,17,725 | ₹6,72,750 | ₹10,83,471 |
| 12% | ₹1,76,234 | ₹3,10,585 | ₹5,47,357 | ₹9,64,629 | ₹17,00,006 |
दो बातें साफ़ दिखती हैं। पहली, ज़्यादातर बढ़त बाद के सालों में आती है: 12% पर पहले 10 साल में रकम करीब ₹2.1 लाख बढ़ती है और अगले 15 साल में करीब ₹13.9 लाख। दूसरी, अलग-अलग रिटर्न अनुमानों का फ़र्क समय के साथ बढ़ता जाता है। 5 साल में 8% और 12% का अंतर करीब ₹29,000 है, 25 साल में ₹10 लाख से ज़्यादा। इसीलिए लंबी अवधि में रिटर्न का अनुमान सबसे ज़्यादा मायने रखता है।
रिटर्न का सही अनुमान कैसे चुनें
तय ब्याज वाली योजनाओं में वही दर डालें जो योजना में लिखी है। तुलना के लिए, अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही में पोस्ट ऑफ़िस की 5 साल की टाइम डिपॉज़िट पर 7.5% ब्याज है।
इक्विटी या हाइब्रिड फंड जैसे बाज़ार से जुड़े निवेश में कोई तय दर नहीं होती। रिटर्न हर साल बदलता है और कम समय में नकारात्मक भी हो सकता है, इसलिए आप जो भी दर डालें वह एक अनुमान है, वादा नहीं। व्यावहारिक तरीका:
- तीन हालात आज़माएं, जैसे 8%, 10% और 12%, और तीनों नतीजे लिख लें।
- फ़ैसले सबसे कम वाले नतीजे पर लें, उससे ऊपर जो मिले उसे बोनस मानें।
- खर्च काटने के बाद का रिटर्न डालें। फंड का खर्च हर साल रिटर्न से कटता है, और कैलकुलेटर इसे नहीं घटाता।
- अवधि के हिसाब से जोखिम लें: जो रकम 2–3 साल में चाहिए, उसे ऊंचे इक्विटी रिटर्न के भरोसे न छोड़ें।
मैच्योरिटी रकम से कितना खरीद पाएंगे
नतीजा भविष्य के रुपयों में है। अगर हर साल दाम बढ़ते हैं, तो 10 साल बाद के ₹3,10,585 से आज जितना सामान नहीं आएगा। आज के पैसे में कीमत देखने के लिए अनुमानित रिटर्न की जगह असली (रियल) रिटर्न डालें:
रियल रिटर्न = (1 + अनुमानित रिटर्न) ÷ (1 + महंगाई दर) − 1
सिर्फ़ उदाहरण के लिए 6% महंगाई मान लें। 12% अनुमानित रिटर्न पर रियल रिटर्न करीब 5.66% होता है। यही 5.66% डालें तो कैलकुलेटर 10 साल बाद करीब ₹1,73,429 दिखाता है: आज के दामों में आपकी मैच्योरिटी रकम की इतनी कीमत है। लक्ष्य के लिए यही तर्क उल्टा लगता है। जो खर्च आज ₹5 लाख का है, ज़रूरत के समय वह ज़्यादा होगा, इसलिए निवेश की रकम तय करने से पहले लक्ष्य को महंगाई के हिसाब से बढ़ा लें।
यह टूल कैसे इस्तेमाल करें
- 1ऊपर दिए फ़ील्ड में अपनी जानकारी भरें।
- 2टाइप करते ही नतीजे अपने आप अपडेट हो जाते हैं।
- 3अलग-अलग scenario compare करने के लिए values बदलें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
₹1 लाख 10 साल में कितना हो जाएगा?+
यह पूरी तरह रिटर्न पर निर्भर है। सालाना कंपाउंडिंग पर ₹1,00,000 8% पर करीब ₹2,15,892, 10% पर ₹2,59,374 और 12% पर ₹3,10,585 हो जाते हैं। ये टैक्स से पहले के आंकड़े हैं और हर साल एक जैसा रिटर्न मानकर निकाले गए हैं।
8% रिटर्न पर पैसा कितने साल में दोगुना होगा?+
करीब 9 साल में। 72 के नियम से 72 ÷ 8 = 9, और सालाना कंपाउंडिंग पर सटीक जवाब 9.006 साल है। कैलकुलेटर में ₹1,00,000 पर 8% और 9 साल डालने पर करीब ₹1,99,900 आते हैं।
10 साल में ₹10 लाख पाने के लिए आज कितना निवेश करें?+
12% सालाना रिटर्न मानें तो करीब ₹3,21,973। इसे ₹3,22,000 करके 12% और 10 साल डालें तो करीब ₹10,00,083 बनते हैं। कम रिटर्न मानने पर ज़्यादा रकम लगानी होगी।
क्या लंपसम कैलकुलेटर टैक्स घटाकर दिखाता है?+
नहीं। नतीजा टैक्स और फंड के खर्च से पहले का है। मुनाफ़े पर टैक्स निवेश के प्रकार और होल्डिंग अवधि पर निर्भर करता है, इसलिए अपने निवेश पर लागू नियम देखें और अनुमानित नतीजे को उसी हिसाब से कम करके मानें।